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Showing posts from March, 2017

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शपथ ग्रहण समारोह
मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्य नाथ

त्वरित टिप्पणी

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त्वरित टिप्पणी
योगी आदित्यनाथ बीजेपी यूपी के सर्वमान्य नेता
बधाई

बधाई

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चर्चित सीट देवबंद के विधायक श्री ब्रजेश सिंह
बहुत बहुत बधाई

गुरुजी का आज दर्शन

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गुरुजी का आज दर्शन
जुबली इण्टर कालेज गोरखपुर,क्लास नवीं में जिवविज्ञानं के शिक्षक और मेरे कक्षा अध्यापक श्री शकल नाथ मणि त्रिपाठी अपने कठोर अनुशासन के लिए जाने जाते उनके द्वारा दिए मन्त्र को हम जैसे हजारों विद्यार्थी आज भी अंगीकार करने में लगे रहते जिसे कुछ तो हम जीवन को सार्थक कर सके। सुबह लखनऊ उनके आवास पर मिला सर ने नास्ता स्वयं परोस कर कराया मेरे मना करने पर बोले पुत्र और शिष्य समान होते है सौरभ ।मुझे खिलाने के सुख से मत रोकों ।
वर्षो बाद सर का आशीर्वाद मिला।प्रणाम।

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उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री
(1) 300 से अधिक विधायकों और अपने मंत्रियों पर पूरी तरह से नियंत्रण रखने में सक्षम।
(2) 2019 में 70 सांसदों के कार्य का लेखा-जोखा लेने की हिम्मत ।
(3) संगठन की बारीकियों की समझ
(4) कार्यकर्तावो की चिंता
(5) संघ और संगठन और सत्ता की समझ
(6) विकास आधारित राजनीति
(7) कम से कम 15-20 साल का नेतृत्व
(8) निर्णय लेने में सक्षम
(9) सबका साथ सबका विकास
(10) भारत को भारत की आँखों से देखने की समझ

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मिलते है शाम 7 बजे

गर्व

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गर्व होता है
पत्रकारिता विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र Rakesh Tripathi
उत्तर-प्रदेश भाजपा में प्रवक्ता के नाते अपने दायित्व का निर्वहन कर रहे है ।
माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय का नाम रोशन कर रहे है ।

होली आई रे

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डॊ. सौरभ मालवीय
फागुन आते ही चहुंओर होली के रंग दिखाई देने लगते हैं. जगह-जगह होली मिलन समारोहों का आयोजन होने लगता है. होली हर्षोल्लास, उमंग और रंगों का पर्व है. यह पर्व फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है. इससे एक दिन पूर्व होलिका जलाई जाती है, जिसे होलिका दहन कहा जाता है. दूसरे दिन रंग खेला जाता है, जिसे धुलेंडी, धुरखेल तथा धूलिवंदन कहा जाता है. लोग एक-दूसरे को रंग, अबीर-गुलाल लगाते हैं. रंग में भरे लोगों की टोलियां नाचती-गाती गांव-शहर में घूमती रहती हैं. ढोल बजाते और होली के गीत गाते लोग मार्ग में आते-जाते लोगों को रंग लगाते हुए होली को हर्षोल्लास से खेलते हैं. विदेशी लोग भी होली खेलते हैं. सांध्य काल में लोग एक-दूसरे के घर जाते हैं और मिष्ठान बांटते हैं.

पुरातन धार्मिक पुस्तकों में होली का वर्णन अनेक मिलता है. नारद पुराण औऱ भविष्य पुराण जैसे पुराणों की प्राचीन हस्तलिपियों और ग्रंथों में भी इस पर्व का उल्लेख है. विंध्य क्षेत्र के रामगढ़ स्थान पर स्थित ईसा से तीन सौ वर्ष पुराने एक अभिलेख में भी होली का उल्लेख किया गया है. होली के पर्व को लेकर अनेक कथाएं प्रचलित हैं. सबसे प्रसिद…