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Showing posts from February, 2017

बहार आई है

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फ़ुर्सत के लम्हे

लोकार्पण

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श्री मुकूल कानिटकर जी द्वारा भारत बोध अख़बार
at IGNOU, Indira Gandhi National Open University.

Dr. Sourabh Malviya

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Born in Patnejee  village of  Deorai district of Uttar Pradesh, Dr. Sourabh Malviya has been associated with movements in the field of  the social change and the national constructions from child hood. He has great impact of the teachings and  philosophy of Jatatguru Shankaracharya  and  Dr. Baliram Keshav Hedgewar. He  has his own explicit ground of thoughts. Dr. Malviya has done his Ph D  on the “Cultural Nationalism and Media” which is in itself an experimental  approach.  He continues his expressive writing on national and regional magazines and newspapers beside regular participation in the television and radio discussion. Keeping in view  his aptness in the nationalism and other media concerns, he has been honoured with several awards and the prizes including prestigious MotiBA  Naya Media Samman, Vishnu Prabhakar Patrikarita Samman and Pravakta Dot Com Samman. Dr. Sourabh Malviya is currently Assistant Professor in Makhanlal Chaturvedi National University  of Journalism and Co…

भारत बोध

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भारत बोध
रजिस्ट्रार महोदय के साथ पत्रकारिता विश्विद्यालय की टीम

सरोकार की राजधानी है दिल्ली

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सरोकार की राजधानी है दिल्ली
सामाजिक कार्यकर्ता और युवाओं के प्रेरणा स्रोत अतुल भाई कोठारी से सुखद मुलाकात और चर्चा हुई साथ में संजीव सिन्हा, Ashish Kumar Anshu ,Ajit singh

आध्यात्मिक और सांस्कृतिक भूमि पर खड़ा होता भारत

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डॊ. सौरभ मालवीय यह एक सुखद संयोग है की भारतीय दृष्टि से अब भारत को समझने की कोशिश की जारही है निश्चित ही इस विमर्श से भारत अपने गौरव पूर्ण अतीत को सजोकर नए पथ का सृजन करेगा। 
भारत की आत्मा को समझना है तो उसे राजनीति अथवा अर्थ-नीति के चश्मे से न देखकर सांस्कृतिक दृष्टिकोण से ही देखना होगा भारतीयता की अभिव्यक्ति राजनीति के द्वारा न होकर उसकी संस्कृति के द्वारा ही होगी तभी हम पुनः भारत को विश्व में प्रतिष्ठापित कर पायेंगे। इसी भावना और विचार में भारत की एकता तथा अखण्डता बनी रह सकती है। तभी भारत परम वैभव को प्राप्त कर सकता है। ‘‘कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी’’ पहेली है, यक्ष-प्रश्न है। सिर्फ भारत ही नहीं है, जो नहीं मिटा है। नहीं मिटने वाले ंअर्थात कायम रहने वाले और देश भी हैं चीन है, यूनान है, रोम है, बेबीलोन है, ईरान है। ये देश कायम तो हैं लेकिन क्या भारत की तरह कायम हैं? क्या ये हिंदोस्तां की तरह कायम हैं? शायद नहीं है। इसीलिए इकबाल ने कहा है कि अगर वे कायम हैं तो भी सिर्फ नाम के लिए कायम हैं। उनकी हस्ती तो मिट चुकी है। उनकी मूल पहचान नष्ट हो चुकी है। इन पुरानी सभ्यताओं को समय न…

सार्थक शनिवार, नोएडा

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माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्विद्यालय नोएडा में टीवी पत्रकारिता में चर्चित नाम श्री रवि पाराशर, वरिष्ठ पत्रकार सर्जना जी (मीडिया सलाहकार खेल एवं युवा कार्यक्रम मंत्रालय-भारत सरकार) एवं सुश्री भारती नागपाल ने “टेलीविजन पत्रकारिता लेखन कौशल” विषय पर अपना विचार रखा, सभी का आभार मिलते है किसी अन्य विषय पर अगले सार्थक शनिवार में |

रिश्तों का जादूगर

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मीडिया विमर्श पत्रिका की ओर से 11 फरवरी,2017 को गांधी भवन, भोपाल में आयोजित पं. बृजलाल द्विवेदी स्मृति अखिल भारतीय साहित्यिक पत्रकारिता सम्मान समारोह की असल जान हैं भाई डा. सौरभ मालवीय। युवा शक्ति के प्रतीक, कुशल संचालक, मीडिया प्राध्यापक जैसी कई संज्ञाएं उनके सामने जोड़ी जा सकती हैं। नोयडा में होकर भी मेरे दिल के करीब रहना उनसे सीखा जा सकता है।