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Showing posts from November, 2016

प्रवक्ता डॉट कॉम की आठवीं वर्षगांठ मनाई

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प्रवक्ता डॉट कॉम के आठ वर्ष पूरे होने पर नई दिल्ली स्थित कॉस्टिट्यूशन क्लब के स्पीकर हॉल में ‘मीडिया और राष्ट्रीय सुरक्षा’ विषय पर 19 नवम्बर 2016 को एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आईआईएमसी के महानिदेशक श्री केजी सुरेश, एनयूजे के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री रासबिहारी, वरिष्ठ पत्रकार और समीक्षक श्री अनंत विजय, बॉलीवुड की सुप्रसिद्ध पटकथा लेखिका सुश्री अद्वैता काला,  छत्तीसगढ़ से सांसद चंदूलाल साहू, नवभारत टाइम्स के पूर्व संपादक डॉ. नंदकिशोर त्रिखा, दूरदर्शन के अतिरिक्त महानिदेशक श्री रंजन मुख़र्जी समेत कई गणमान्य उपस्थित रहे।

इस संगोष्ठी की अध्यक्षता आईआईएमसी के महानिदेशक श्री केजी सुरेश ने की, वहीं संचालन माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. सौरभ मालवीय ने किया, स्वागत संबोधन प्रवक्ता के संस्थापक व प्रबंध संपादक भारत भूषण ने किया, विषय प्रवेश संजीव सिन्हा ने किया और अतिथियों का स्वागत सुशांत कुमार, विनोद बिधुरी, विकास आनंद तथा  अलका सिंह ने किया।

संगोष्ठी को संबोधित करते हुए वरिष्ठ पत्रकार और समीक्षक अनंत विजय ने कहा कि हमें अभिव्यक्ति की स्वतंत्…

आत्मिक मुलाकात

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चाणक्य धारावाहिक के निर्देशक एवं अभिनेता आदरणीय चंद्रप्रकाश द्विवेदी

लोकमंथन

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चर्चा- भारतीय संस्कृति
प्रसिद्ध नृत्यांगना सोनल मानसिंह
तीन दिवसीय लोकमंथन-भोपाल

एक संवाद

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पाकिस्तानी मूल के प्रख्यात लेखक डॉ. तारेक फ़तेह

लोकमंथन

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भारतीय ज्ञान परम्परा में शास्त्रार्थ विद्वानों की चिति रही है। आज मध्यप्रदेश विधानसभा परिसर में लोकमंथन के इस आयोजन में यह देखने का सपना पूर्ण हुआ।

उदघाटन सत्र

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'राष्ट्र सर्वोपरि' विचारकों एवं कर्मशीलों का राष्ट्रीय विमर्श आज से तीन दिन भोपाल में

लोकमंथन

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स्वागत-वन्दन-अभिनन्दन
लोकमंथन
12,13 एवं 14 नवम्बर को विधानसभा भवन,भोपाल

बधाई

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समरस समाज, समर्थ भारत अंक सुमंगलम प्रभा के संपादक राजकुमार जी को श्रेष्ठ अंक निकालने के लिए ह्रदय से बधाई और शुभकामनाएं

सूर्य उपासना का पर्व है छठ पूजा

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डॊ. सौरभ मालवीय
छठ सूर्य की उपासना का पर्व है. यह प्रात:काल में सूर्य की प्रथम किरण और सायंकाल में सूर्य की अंतिम किरण को अर्घ्य देकर पूर्ण किया जाता है.  सूर्य उपासना का पावन पर्व छठ कार्तिक शुक्ल की षष्ठी को मनाया जाने जाता है. इसलिए इसे छठ कहा जाता है. हिन्दू धर्म में सूर्य उपासना का बहुत महत्व है. छठ पूजा के दौरान क केवल सूर्य देव की उपासना की जाती है, अपितु सूर्य देव की पत्नी उषा और प्रत्यूषा की भी आराधना की जाती है अर्थात प्रात:काल में सूर्य की प्रथम किरण ऊषा तथा सायंकाल में सूर्य की अंतिम किरण प्रत्यूषा को अर्घ्य देकर उनकी उपासना की जाती है. पहले यह पर्व पूर्वी भारत के बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और नेपाल के तराई क्षेत्रों में मनाया जाता था, लेकिन अब इसे देशभर में मनाया जाता है. पूर्वी भारत के लोग जहां भी रहते हैं, वहीं इसे पूरी आस्था से मनाते हैं.

छठ पूजा चार दिवसीय पर्व है. इसका प्रारंभ कार्तिक शुक्ल चतुर्थी को तथा कार्तिक शुक्ल सप्तमी को यह समाप्त होता है. इस दौरान व्रतधारी लगातार 36 घंटे का कठोर व्रत रखते हैं. इस दौरान वे पानी भी ग्रहण नहीं करते. पहला दिन कार्तिक शुक…